अंधानुकरण से दूर बहता एक समंदर…..
“धारणाएं और अँधानुकरण की प्रवत्ति अक्सर नए अनुभवों को महसूस करने से रोक देती है जो पुराने अनुभवों से कहीं ज्यादा बेहतर होते हैं.” कोई […]
“धारणाएं और अँधानुकरण की प्रवत्ति अक्सर नए अनुभवों को महसूस करने से रोक देती है जो पुराने अनुभवों से कहीं ज्यादा बेहतर होते हैं.” कोई […]
पुरानी राहों पर चलते हुए जो नए रास्तों का निर्माण कर सके, परम्पराओं को ध्वस्त करते हुए जो उन्हें नए कलेवर में ढाल सके, […]
राजेन्द्र यादव नहीं रहे. ऐसा लगा जैसे कोई रेल किसी पुल से ख़ामोशी से गुजर गई हो. असम्भव! ऐसा तो नहीं सोचा था. रोज नई […]
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